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प्रधानमंत्री
Prime Minister
संदेश
भारत की सांस्कृतिक विरासत इसकी निरंतर समृद्धि की अनोखी पहचान का आधार है। हमारी इस विरासत को समृद्ध करने में भारत की विभिन्न भाषाओं और बोलियों ने अहम भूमिका निभाई है। हिंदी को संपर्क भाषा के रूप में अपनाया गया और वह हमारी संस्कृति के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिलने लगी है।
विश्व हिंदी सम्मेलनों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज, हिंदी ने तकनीकी क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हिंदी भाषा के विकास में अनिवासी भारतीयों तथा विदेशी विद्वानों, लेखकों और शिक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है और हम उनके आभारी हैं।
मुझे खुशी है कि आठवें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन 13 से 15 जुलाई 2007 तक अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में किया जा रहा है। इस सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में हिंदी के प्रयोग के बारे में चर्चा को शामिल करना उपयोगी रहेगा। इससे हिंदी एक सशक्त आधुनिक भाषा के रूप में उभर सकेगी।
आठवें विश्व हिंदी सम्मेलन की सफलता के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
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मनमोहन सिंह |
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